म्यूचुअल फंड के नुकसान | Mutual funds ke nuksan

आप में से बहुत सारे लोगों को कईयों ने कहा होगा कि बैंक में एफडी करने से अच्छा आप म्यूचल फंड में पैसा लगा दीजिए। लेकिन उन्होंने आपको सिर्फ म्यूचल फंड के फायदे ही बताए होंगे, क्योंकि ऐसे बहुत कम लोग हैं जो कि म्यूचुअल फंड की सच्चाई आपके सामने रखते हैं जिसमें से हम एक हैं।

अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो कि समझते हैं कि म्यूचुअल फंड में निवेश करने से जोखिम खत्म हो जाता है तो आप गलत हो, क्योंकि इसमें भी रिक्स काफी ज्यादा होता है। 

आज के इस आर्टिकल में हम ने पूरी रिसर्च कर कर और कई सारे लेख को पढ़कर यह आर्टिकल आपके लिए बनाया है जिसमें आपको पूरी तरह से पता चल जाएगा कि म्यूचल फंड के नुकसान क्या है?। तो अंत तक इस आर्टिकल को जरूर पढ़ें, इससे आपको कुछ नया सीखने को मिलेगा।

म्यूचुअल फंड मैं निवेश करने के नुकसान 

जिस प्रकार किसी वस्तु के फायदे होते हैं उसी प्रकार उसके नुकसान भी होते हैं, उसी तरह म्यूचुअल फंड में निवेश करने के नुकसान कुछ इस प्रकार है कि:-

  • अपने पैसों पर अनियंत्रण 
  • इनडायरेक्ट निवेश
  • विविधता 
  • टैक्स ऑन अर्निंग
  • अस्तीर रिटर्न

चलिए इन सभी मुद्दों को विस्तार में जानते हैं।

१) अपने पैसों पर अनियंत्रण

यदि आपको म्यूचल फंड के बारे में थोड़ी सी भी जानकारी होगी तो आपको यह पता ही होगा कि अगर आपने एक बार म्यूचल फंड में अपने पैसे लगा दिए तो उस पर आपका नियंत्रण नहीं रहेगा। बल्कि आपके पैसे म्यूचल फंड के मैनेजर के हाथ से नियंत्रण किए जाएंगे।

वह मैनेजर अपने हिसाब से उन पैसों को स्टॉक मार्केट या किसी अन्य मार्केट में निवेश करेगा जिससे उसे अच्छा खासा मुनाफा हो।

२) इनडायरेक्ट निवेश

अगर आपने म्यूचुअल फंड में अपने पैसे लगाए हैं तो समझ लीजिए कि आपने इनडायरेक्ट शेयर मार्केट में निवेश कर दिया है। आपके पैसों के ऊपर फंड मैनेजर शेयर मार्केट से अच्छी खासी मोटी रकम कमाता है और आपको कुछ 10-15 टक्के का ब्याज देता है।

हालांकि वही अगर दूसरी तरफ आपने शेयर मार्केट का थोड़ा ज्ञान लेकर उसमें डायरेक्ट इन्वेस्ट कर दिया तो आपको अच्छा खासा मुनाफा मिल सकता है। जोकि कई बार 10 से 20 गुना भी होता है।

३) विविधता 

म्यूचुअल फंड मैं आपके पैसे को कई कंपनियों के शेयर्स में लगा दिया जाता है, हालांकि इससे थोड़ा फायदा भी है लेकिन उससे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है। क्योंकि कई बार कई कंपनियों के शेयर 5 से 10 गुना हो जाते हैं मगर आपका पैसा इतना नहीं बढ़ पाता।

इसका सीधा साधा उत्तर है कि आपके पैसे को कई टुकड़ों में बांटकर अलग-अलग कंपनियों के शेयर में लगा दिया जाता है जिससे आपको यह मुनाफा नहीं होता। बल्कि उन टुकड़ों के हिसाब से आपका प्रॉफिट गिना जाता है।

४) टैक्स ऑन अर्निंग

अगर आप म्यूचुअल फंड से रकम कमाते हैं तो आपको उस पर टैक्स देना आवश्यक है। अगर आपकी निवेश करने की अवधि 12 महीने से कम होगी तो आपको शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन के आधार पर 15 टके का टैक्स देना होगा।

वहीं दूसरी तरफ अगर आप अपने निवेश की अवधि को 12 मासिक से अधिक रखते हो तो आपको उस पर 10 टक्के का ब्याज देना होगा। इसे आप काफी आसानी से बचा सकते हैं। जिसके लिए आपको अपनी निवेश को लॉन्ग टर्म के लिए रखना है, जिससे आपको काफी कम टैक्स देना होगा और आपके अर्निंग भी अच्छी हो।

५) अस्तीर रिटर्न

म्यूचुअल फंड में आपके पैसे को अलग-अलग स्टॉक्स में इन्वेस्ट किया जाता है, और आपको पता ही होगा कि स्टॉक मार्केट मैं कई बार उतार-चढ़ाव आते हैं। उसी पर आपके रिटर्न को निर्धारित किया जाता है। अगर स्टॉक मार्केट में गिरावट रही तो आपके रिटर्न भी काफी कम हो सकते हैं। अगर अगर स्टॉक मार्केट में बढ़ता रहा तो आपको अच्छा खासा रिटर्न मिल सकता है।

क्या हमें म्यूचुअल फंड में पैसे लगाने चाहिए?

अब यह सवाल आपके मन में भी उठ रहा होगा, इसका सीधा उत्तर आपके पास ही है। अगर आपको बैंक एफडी से अच्छा रिटर्न चाहिए वह भी काफी कम रिक्स में तो आप बेशक म्युचुअल फंड में निवेश कर सकते हो। लेकिन इसमें आपको अपना पैसा कहा लग रहा है यह नहीं पता चलेगा।

वहीं दूसरी तरफ अगर आप थोड़ा रिसर्च और स्टॉक मार्केट में पैसा लगाना सीख गए तो आप काफी आसानी से अपने पैसे को मल्टीप्लाई कर सकते हो। और अगर आप खुद अपने पैसे को निवेश करोगे तो आपको पूरा डाटा मिलेगा कि आपका पैसा काहा और कितने शेयर और किस कंपनी के द्वारा बढ़ रहा है। वहीं अगर आप खुद निवेश करोगे तो आपको कई सारे फायदे जैसे कि डिविडेंड, टैक्स में फायदा ऐसे कई सारे बेनिफिट्स मिल सकते हैं।

और आखिर में यह कहना चाहता हूं कि जो मजा खुद पैसे लगाकर कमाने में है वह दूसरे को देखकर नहीं। इसीलिए कहना चाहता हूं कि अगर आप अगले राकेश झुनझुनवाला या वारेन बफेट बनना चाहते हैं तो अपने पैसे को खुद लगाना सीखिए। 

धन्यवाद!

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